विज्ञापन

करता हूं मैं स्वदेश से प्यार।

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            करता हूं मैं स्वदेश से प्यार
        
                                                    
                            
करता हूं मैं स्वभेष से प्यार
करता हूं मैं अपनी संस्कृति से प्यार
करता हूं मैं अपने संस्कार से प्यार
करता हूं मैं अपने इतिहास से प्यार
करता हूं मैं अपने साहित्य से प्यार
है हमारी संस्कृति में शक्ति अपार
है हमारी संस्कृति से सुंदर संसार
करता हूं मैं अपने प्रदेश से प्यार
करता हूं मैं स्वदेश से प्यार।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
5 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all