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हम बतियाते हैं भगवान से

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हम रहते हैं शान से
        
                                                    
                            
हम रहते हैं ईमान से
हम रहते हैं आन बान से
हम रहते हैं स्वाभिमान से
हम सुनते हैं ध्यान से
हम गुनते हैं ध्यान से
हम बतियाते हैं आसमान से
हम बतियाते हैं भगवान से
हम निडर
हम वीरवर
हम तत्पर
हम तीव्रतर
हमसे जो टकराता है
चूर चूर हो जाता है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
11 घंटे पहले
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