हैं सीतामढ़ी के लोग प्यारे प्यारे
हैं सीतामढ़ी के लोग न्यारे न्यारे
है यहां डुमरा मुख्यालय
है यहां कई विद्यालय
है यहां भीसा हाल्ट
है यहां नहीं फाल्ट
है यह शहर सुंदर प्यारा
है यहां जानकी स्थान हमारा
है यहां प्यारा पुनौरा धाम
है यह सभी धामों का धाम
है स्वर्ग से सुंदर यह धाम
है यह सुरम्य स्थान
है यह स्वर्ग से सुंदर स्थान
है यहां कालेज बुक सेंटर
है वह विद्वानों का सेंटर
मुझे यहां छात्र मिले प्यारे प्यारे
मुझे सहयोगी मिले प्यारे प्यारे
है यहां सुंदर सा रेलवे स्टेशन
जो अब बन गया है जंक्शन
जो जोड़ता है इसे मुजफ्फरपुर से
दरभंगा और नरकटियागंज से
लोग आते हैं यहां दूर दूर से
मां सीता का जन्म स्थान है यहां
जिसे जानता है सारा जहां
मैं इस शहर को भला भूलूं कैसे?
चाह रहा हूं मैं अंबर को छूं लूं कैसे?
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'