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मन के भाव

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मन में जब भाव आते हैं
        
                                                    
                            
तब भाव नहीं विचारों के तेज धार आते हैं
जो रोके नहीं रूकते
जो लिखने तक नहीं रूकते।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
4 घंटे पहले
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