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मां का श्रृंगार

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पेड़ पौधे हैं धरती मां का श्रृंगार
        
                                                    
                            
हरे भरे लहलहाते खेत हैं श्रृंगार
नदी नाले तालाब समंदर हैं श्रृंगार
ऊंचे ऊंचे पर्वत पठार
हैं ये ईश्वर का प्यार
हैं ये हमारे हिंदुस्तान का श्रृंगार
और पेड़ लगा कर, करो श्रृंगार।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
2 घंटे पहले
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