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खिड़कियां खोलो

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बाहर हवा में ताजगी है
        
                                                    
                            
बाहर देखो,दुनिया जगी है
खिड़कियां खोलो
किवाड़ों को खोलो
की सुबह की हवा लगे
करोड़ों रुपए की दवा लगे
ईश्वर की दुआ लगे
पेड़ों की दुआ लगे
बड़ों की दुआ लगे।
- सहज कुमार
11 घंटे पहले
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