बाहर हवा में ताजगी है
बाहर देखो,दुनिया जगी है
खिड़कियां खोलो
किवाड़ों को खोलो
की सुबह की हवा लगे
करोड़ों रुपए की दवा लगे
ईश्वर की दुआ लगे
पेड़ों की दुआ लगे
बड़ों की दुआ लगे।
- सहज कुमार
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