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हूं मैं जिंदा स्वदेश के लिए।

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            किए कुछ कर्म ऐसा
        
                                                    
                            
कि मिला देश हिंद जैसा
जहां जन्म हुआ मेरा
जहां हुआ शिक्षा दीक्षा मेरा
हुआ जहां सभ्यता का सवेरा
वह सुंदर देश है मेरा
दिल मेरा बागी बलिया वाला
दिल मेरा बागी बैरिया वाला
हूं मैं गुदरी सिंह के टोला वाला
हूं जन्मा स्वदेश के लिए
हूं मैं जिंदा स्वदेश के लिए।
- सहज कुमार
2 दिन पहले
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