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हूं मैं जिंदा स्वदेश के लिए।

                
                                                         
                            किए कुछ कर्म ऐसा
                                                                 
                            
कि मिला देश हिंद जैसा
जहां जन्म हुआ मेरा
जहां हुआ शिक्षा दीक्षा मेरा
हुआ जहां सभ्यता का सवेरा
वह सुंदर देश है मेरा
दिल मेरा बागी बलिया वाला
दिल मेरा बागी बैरिया वाला
हूं मैं गुदरी सिंह के टोला वाला
हूं जन्मा स्वदेश के लिए
हूं मैं जिंदा स्वदेश के लिए।
- सहज कुमार
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एक दिन पहले

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