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जय जय बिहार

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जय जय बिहार
        
                                                    
                            
जय जय बिहार
जहां बुद्ध किए विहार
जो माना कभी नहीं हार
जिसको हैं चुनौतियां स्वीकार
जहां खिले पुष्प कचनार
जहां मिले सच्चा प्यार
जहां खिले पुष्प हजार
जहां के नस नस में बहे साहस की धार
जहां बहे गंगा यमुना सोन सरयू की धार
जहां बहे बागमती बुढ़ी गंडक की धार
जहां के लोग करते हैं चमत्कार
जहां की माटी में है प्यार
जहां की माटी से निकले स्वर्ण कंचन अपार
जहां हल जोतते मिली मां जानकी है वह बिहार
जहां की माटी में बसता स्वदेश प्यार
जहां की माटी उगले राष्ट्रपति और नेता हजार
जहां की सड़कें बिजली में किए सुधार नीतीश कुमार
जहां जन्में नेता हजार
जहां से निकले क्रांतिकारी हजार
जहां की माटी में में है हिंदुस्तानी प्यार
जहां हैं सहज कुमार जैसे रचनाकार
जहां बसते हैं बड़े बड़े साहित्यकार
जहां की माटी में है बहार
जहां हैं पटना मुजफ्फरपुर गया जैसे शहर हजार
है जो जग का कंठहार
जय जय बिहार
जय जय बिहार।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
7 घंटे पहले
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