मैं उस मिट्टी से हूं
जहां आग है
जहां तप त्याग है
मैं उस मिट्टी से हूं
जहां मंगल पांडे का घर है
मैं उस मिट्टी से हूं
जहां चित्तु पांडे का घर है
मैं उस मिट्टी से हूं
जहां के लोगों के पास नहीं डर है
मैं हूं वीर,यह मेरी मिट्टी का असर है
मैं उस मिट्टी से हूं
जहां हुआ महा समर है
इस मिट्टी को मेरा सलाम है
इस मिट्टी को मेरा प्रणाम है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'