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हो होंठों पर भारत का नाम

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            होंठों पर स्वदेश का नाम हो
        
                                                    
                            
करों में स्वदेश सेवा के काम हों
एक हाथ में तिरंगा हो
एक हाथ में गंगा हो
है यही मेरा अरमान
बच जाए हमारा ईमान
विकसित हो हिंदुस्तान
गलत सही का हो ध्यान
हों सभी समान
आंखों में हो आसमान
से ऊंचा अरमान
हो आसमान
से ऊंचा स्वाभिमान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
7 घंटे पहले
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