मैं खड़ा रहा
मैं पड़ा रहा
वह बाइक मेरे पैर पर
चढ़ा कर
निकल गया
"हत्या कर दो" मेरे मुंह से निकल गया
पर वह सुना नहीं,चल दिया
जेन जी हैं
ये लहरिया कट बाईक चलाते हैं
अपने सामने किसी को नहीं लगाते हैं
इनको किसी के जान की परवाह नहीं
इनको किसी की सुरक्षा की चाह नहीं
इनको चाहिए फैशन केवल
इनको चाहिए धन केवल
इनको किसी की परवाह नहीं
इनका सुरक्षा पर कोई निगाह नहीं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'