है हमारा सबसे सुंदर संस्कार
है हमारा सबसे सुंदर संसार
नकल कर रहा हमारा सारा संसार
है हमारी संस्कृति सबसे पावन
है हमारी संस्कृति सबसे पुरातन
बहो सदा सिखाती पतित पावन गंगा
जीत का परचम लहराओ सदा सिखाता तिरंगा
गंगा यमुना सरस्वती
है सदा से यही कहती
मिल कर बहो
मिल कर रहो
करो और उपकार
करो सबका सत्कार
सिखाता सदा संस्कार
मानव सेवा के कर्म करो हजार
बेवजह उठाओ मत हथियार
शत्रु सामने आए उससे पहले रहो तैयार
राष्ट्र सेवा में दे दो बड़ा बलिदान
करो कुछ कर्म महान,बनो महान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'