बिहार में है शहर मुजफ्फरपुर
इसे हम कहते कोहिनूर
लीची की मीठास लिए
विकास की आस लिए
मन में दृढ़ विश्वास लिए
साहित्य का आकाश लिए
संस्कृति की सांस लिए
प्यार कुछ खास लिए
शिव का आशीर्वाद लिए
क्रांतिकारियों का शहर
साहित्यकारों का शहर
पत्रकारों का शहर
नाटक कारों का शहर
कवियों,कलाकारों का शहर
सुंदर सुंदर सपनों का शहर
अपनों का शहर
बिहार में एक अलग स्थान है
हर क्षेत्र में इसकी पहचान है
शहर व्यवहार का
शहर प्यार का
शहर नित त्यौहार का
शहर बड़े व्यापार का
उतरी बिहार का हृदय स्थान है
एक प्यारा हमारा हिंदुस्तान है
आईए ना हमारे मुजफ्फरपुर में
आईए ना हमारे भीखन पुर में
लोग मिलेंगे प्यारे प्यारे
और मिलेंगे न्यारे न्यारे।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'