विज्ञापन

गुरु गोरखनाथ की नगरी

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            शिक्षा की नगरी
        
                                                    
                            
गुरु गोरखनाथ की नगरी
है गोरखपुर नगरी
राप्ती नदी के तीरे तीरे
आईए जरा धीरे धीरे
है गोरखपुर विश्वविद्यालय जहां
है गोरखपुर पुर जंक्शन जहां
है पूर्वांचल की शान
जिसे जाने जहान
जिसे जाने हिंदुस्तान
है दिग्विजय नाथ महाविद्यालय जहां
है महाराणा प्रताप महाविद्यालय जहां
हैं चेतक पर सवार राणा प्रताप जहां
है नेपाल के लिए बड़ा बाजार जहां
है बड़ा हवाई अड्डा जहां
आईए गोरखपुर घूम लीजिए
आईए इसको चूम लीजिए
आम अमरूद का भंडार है
सब बाबा गोरखनाथ का प्यार है
इसमें छुपी शक्ति अपार है
यहीं पढ़ा मैं
यहीं बढ़ा मैं
जीवन की चढ़ाइयां चढ़ा मैं
यहां गोलघर है
यह शहर अमर है
प्रेमचंद की कर्म स्थली यही है
फिराक की जन्मस्थली यही है
गूंजे सहज कुमार के स्वर
यहीं आकाशवाणी से प्रखर।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
48 मिनट पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Ankit Kumar

10386 कविताएं

View Profile

Pradeep Mukherjee

1239 कविताएं

View Profile

Updesh Kumar

12525 कविताएं

View Profile