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गलतियों को करो स्वीकार

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गलतियां सबसे होती हैं
        
                                                    
                            
गलतियां बचपन से शुरू होती हैं
गलतियां जवानी में होती हैं
गलतियां जिंदगानी में होती हैं
गलतियां बुढ़ापे में होती हैं
गलतियों को करो स्वीकार
नित अपने में करो सुधार
यदि है अपने जीवन से प्यार
नित निरंतर सीखने से बदलता है संसार
बड़ों के डांट फटकार
को समझो प्यार
और पाओ पुरस्कार।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक घंटा पहले
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