हमारा तन
हमारा मन
है दोनों ईश्वर का दिया हुआ उपहार
दो दोनों को पढ़,लिख,सुन कर संवार
तो बने स्वर्ग से सुंदर सारा संसार।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'