दिखा दूं सीना चीर
है भारत मां की तस्वीर
हमारे हृदय में
हैं भारत मां हमारे हृदय में
मेरे रोम-रोम में
मेरे व्योम में
है यही तस्वीर
अगल बगल में
कई शकल में
हैं भगत सिंह जैसे वीर
हैं आजाद जैसे वीर
हैं अर्जुन के तीर
हैं मां गंगा
है लहराता तिरंगा
दिखा दूं सीना चीर।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'