आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

हैं भारत मां हमारे हृदय में

                
                                                         
                            दिखा दूं सीना चीर
                                                                 
                            
है भारत मां की तस्वीर
हमारे हृदय में
हैं भारत मां हमारे हृदय में
मेरे रोम-रोम में
मेरे व्योम में
है यही तस्वीर
अगल बगल में
कई शकल में
हैं भगत सिंह जैसे वीर
हैं आजाद जैसे वीर
हैं अर्जुन के तीर
हैं मां गंगा
है लहराता तिरंगा
दिखा दूं सीना चीर।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
1 hour ago

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर