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देश की गरीबी

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            देश की गरीबी सोती सड़क पर
        
                                                    
                            
देश के धनी कार में बैठे दौड़ते हैं सड़क पर
देश की गरीबी दिखती है बाजार में
और गरीबों के दो जून के रोटी के इंतजार में
दिखती है गरीबी बीच बाजार में
बिकती है गरीबी सारे संसार में
दिखती है गरीबी शोषित जन में
और हमारे वतन में
उनको भी फांसी पर लटकाओ
उनको भी मजा चखाओ
जो लिप्त हैं व्यभिचार और अत्याचार में।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
3 घंटे पहले
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