विज्ञापन

छोड़ो मत अपना संस्कार

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            छोड़ छाड़ कर अपना संस्कार
        
                                                    
                            
छोड़ छाड़ कर करना "नमस्कार"
"गुड मार्निंग" बोल रहे हैं हम क्यों?
"हिंदी"को "अंग्रेजी" के तराजू पे तोल रहे हैं हम क्यों?
" धन्यवाद"को छोड़ कर " थैंक यू" बोल रहे हैं हम क्यों?
है यह कैसा प्रयोग?
है यह कैसा विरोध?
छोड़ रहे हैं हम अपनी परम्पराओं को क्यों?
छोड़ रहे हैं हम अपनी विचारधाराओं को क्यों?
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
2 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Dr fouzia

6915 कविताएं

View Profile

MURLI music

60 कविताएं

View Profile