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छोड़ो मत अपना संस्कार

                
                                                         
                            छोड़ छाड़ कर अपना संस्कार
                                                                 
                            
छोड़ छाड़ कर करना "नमस्कार"
"गुड मार्निंग" बोल रहे हैं हम क्यों?
"हिंदी"को "अंग्रेजी" के तराजू पे तोल रहे हैं हम क्यों?
" धन्यवाद"को छोड़ कर " थैंक यू" बोल रहे हैं हम क्यों?
है यह कैसा प्रयोग?
है यह कैसा विरोध?
छोड़ रहे हैं हम अपनी परम्पराओं को क्यों?
छोड़ रहे हैं हम अपनी विचारधाराओं को क्यों?
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक घंटा पहले

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