भारत मां की जय हो
जन जन की जय हो
जहां जाएं जय हो
हम कभी हारें नहीं
हार कभी स्वीकारें नहीं
गंगा जल सा बहते रहें
सच सच सदा कहते रहें
दुःख सुख सब सहते रहें
सबका हृदय सदय हो
भारत मां की जय हो।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'