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बनो निडर और चरित्रवान

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पत्रकारिता जो कभी 'व्रत' थी
        
                                                    
                            
'करियर' बन गई है
पत्रकारिता सत्ता के आगे झुकती नहीं
यह लाती क्रांति नई है
पत्रकार होता है जब निडर तब सरकारें डरती है
हमारे देश की धरती वीर निडर नारी नर उगलती है
लेखनी वही है जो करे समाज का नैतिक उत्थान
न कि केवल सरकारों की गुणगान
बल्कि लेखनी गढ़ती चरित्रवान,इंसान
चलो करें नव निर्माण बन कर बलवान
पुनः वापस लाएं 'सरस्वती''प्रताप'' दिनमान '।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
4 घंटे पहले
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