सच बोल दूं
सच लिख दूं
तो फतवा जारी हो जाये
तो क्या सच न लिखा जाये?
चापलूसी करना सीखा जाये
उन्मादियों से डरना सीखा जाये
डर डर कर रहना सीखा जाये
डर डर कर लिखना सीखा जाये
भोला भाला दिखना सीखा जाये
चापलूसी करके नोबल प्राइज जीता जाये
बोलिए साहस से सच क्यों न लिखा जाये?
- सहज