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ऐसे नोबेल प्राइज जीता जाये

                
                                                         
                            सच बोल दूं
                                                                 
                            
सच लिख दूं
तो फतवा जारी हो जाये
तो क्या सच न लिखा जाये?
चापलूसी करना सीखा जाये
उन्मादियों से डरना सीखा जाये
डर डर कर रहना सीखा जाये
डर डर कर लिखना सीखा जाये
भोला भाला दिखना सीखा जाये
चापलूसी करके नोबल प्राइज जीता जाये
बोलिए साहस से सच क्यों न लिखा जाये?
- सहज
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3 वर्ष पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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