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हाल छुपाना तुम भी सीख रहे होगे

Anil Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तन्हाई तुमको भी तो डसती होगी
        
                                                    
                            
हाल में अपने रोती और हंसती होगी
हौसला इतना है भी नहीं कुछ कर जाओ
बेताबी पर नजरों में दिखती होगी
हाल छुपाना तुम भी सीख रहे होगे
एक हवाई चेहरे पर उड़ती होगी
घर से जब भी तुम बाहर निकले होगे
मेरी जानिब राह सभी मुड़ती होगी
वो शोखी वो अल्हड़पन सा काफूर हुए
सर पर हाथ धरे आहें भरती होगी
दुनियादारी चीज बड़ी है ख्वाबों से
सोच के तुम दिल पर पत्थर रखती होगी
हौसले आते होगे कि इक़रार करें
रुस्वाई से ज्यादा पर डरती होगी
आगे बढ़ना है जीवन में बात कोई
लाज़िम है जो करना वो करती होगी
3 घंटे पहले
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Suresh Kumar

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