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हाल छुपाना तुम भी सीख रहे होगे

                
                                                         
                            तन्हाई तुमको भी तो डसती होगी
                                                                 
                            
हाल में अपने रोती और हंसती होगी
हौसला इतना है भी नहीं कुछ कर जाओ
बेताबी पर नजरों में दिखती होगी
हाल छुपाना तुम भी सीख रहे होगे
एक हवाई चेहरे पर उड़ती होगी
घर से जब भी तुम बाहर निकले होगे
मेरी जानिब राह सभी मुड़ती होगी
वो शोखी वो अल्हड़पन सा काफूर हुए
सर पर हाथ धरे आहें भरती होगी
दुनियादारी चीज बड़ी है ख्वाबों से
सोच के तुम दिल पर पत्थर रखती होगी
हौसले आते होगे कि इक़रार करें
रुस्वाई से ज्यादा पर डरती होगी
आगे बढ़ना है जीवन में बात कोई
लाज़िम है जो करना वो करती होगी
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2 hours ago

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