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हौसले आ आकर जाते भी रहे यादें आती रहीं,भुलाने से

Anil Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            एक नजर कर के चले जाने से
        
                                                    
                            
हम क्यों होते रहे दीवाने से
यह कि बस तुमको याद करते रहे
जान कर कभी,कभी अनजाने से
पास आओगे तो जल जाओगे
कब शम्मा ने कहा परवाने से
वो संजीदगी थी,तकल्लुफ तो नहीं
बाज आते थे मुस्कुराने से
फर्क शायद उसे नहीं पड़ता
मेरी दुनिया के उजड़ जाने से
हम थे नादां हमें नहीं आया
बात करना किसी बहाने से
हौसले आ आकर जाते भी रहे
यादें आती रहीं,भुलाने से
21 घंटे पहले
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