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दर्द का किसको पता है

Anil Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दर्द का किसको पता है
        
                                                    
                            
दे गया वो लापता है
इस जहां के लोग कैसे
जिन्हें मिटने में मजा है
कुछ गमों ने ही सजाया
मेरा दिलकश आशियाँ है
आसमां परछाइयों से
कद हमारे नापता है
हम चले तुमको भुलाने
ये बता दो दिल में क्या है
बेवफा भी जानता है
चीज क्या होती वफ़ा है
कल मेरे ख्वाबों में वो थी
अब किसी की दिलरुबा है
जल न पाया ठीक से क्या
दूर तक उठता धुआं है
कशमकश है जिंदगी में
ये किसी की तो खता है
एक घंटा पहले
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