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हसरतें गुनगुनाने लगीं आजकल

Anil Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चाहतें मुस्कुराने लगीं आजकल
        
                                                    
                            
कैसे सपने दिखाने लगीं आजकल
क्या हुआ कि भटकती हुई जिंदगी
राह मुझको दिखाने लगी आजकल
कितनी खुशियां थीं नाराज होकर गईं
पास अपने बुलाने लगीं आजकल
कारवां बेखुदी के कई आ गए
मस्तियां यूं पिलाने लगीं आजकल
देखकर के मुझे चांद रुक जाता है
चाँदनी झिलमिलाने लगी आजकल
ख्वाब है या हकीकत है ये जिंदगी
बस पहेली बुझाने लगी आजकल
प्यार का गीत धड़कन के हर साज पर
हसरतें गुनगुनाने लगीं आजकल
4 घंटे पहले
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