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हसरतें गुनगुनाने लगीं आजकल

                
                                                         
                            चाहतें मुस्कुराने लगीं आजकल
                                                                 
                            
कैसे सपने दिखाने लगीं आजकल
क्या हुआ कि भटकती हुई जिंदगी
राह मुझको दिखाने लगी आजकल
कितनी खुशियां थीं नाराज होकर गईं
पास अपने बुलाने लगीं आजकल
कारवां बेखुदी के कई आ गए
मस्तियां यूं पिलाने लगीं आजकल
देखकर के मुझे चांद रुक जाता है
चाँदनी झिलमिलाने लगी आजकल
ख्वाब है या हकीकत है ये जिंदगी
बस पहेली बुझाने लगी आजकल
प्यार का गीत धड़कन के हर साज पर
हसरतें गुनगुनाने लगीं आजकल
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एक घंटा पहले

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