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इतने कमाल से

Anil Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कितने खयाल आये तुम्हारे ख्याल से
        
                                                    
                            
कितने सवाल आते रहे इक सवाल से
दिल मैने दुखाया था भूले से किसी का
फिर आज तक निकल नहीं पाया मलाल से
कितने गुलाबों ने तो खुदकुशी ही कर लिया
खुशबू वो आ रही थी तुम्हारे रूमाल से
मंजिल नहीं है है कोई गुमनाम ठिकाना
तुम क्यों हुए जाते हो अभी से निहाल से
कुछ भी समझ न आया, देखता ही रह गया
वह मुझसे मुखातिब हुआ इतने कमाल से
7 महीने पहले
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