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बारिश बरस रही है

Anil Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पहली बारिश बरस रही है
        
                                                    
                            
मिट्टी सोंधी महक रही है
गाँव की उजली पगडंडी सी
बिजली नभ में चमक रही है
अर्ध्य दिया जाता हो, बूँदें
पत्तों से से यूं टपक रही हैं
सबसे ज्यादा खुश किसान हैं
खेत, क्यारियां सरस रही हैं
फिर बादल तुम लौट के आना
अभी हवा भी उमस भरी है
घोसले में कुछ हो या ना हो
फिर भी चिड़िया चहक रही है
तुम भी आ जाते सावन में
मेरी नजरें तरस रही हैं
हरयाली की साड़ी पहने
धरती कैसी निखर रही है
कश्ती अंगड़ाई लेती है
दरिया बाहें खोल रही है
8 घंटे पहले
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