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फिक्र करते हैं बस वालिद तुम्हारे

Anil Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            क्यों मुझसे इस तरह ऐंठे हुए हो
        
                                                    
                            
क्यों झूठा रोब लपेटे हुए हो
इश्क के आसमां के हो सितारे
वफ़ा की राह में लेटे हुए हो
इस झूठी शान को, दामन में अपने
हजारों बद्दुआएं, हाय समेटे हुए हो
दिखाते हो हमें जो आंखें, घुड़की
किसी की गोद में बैठे हुए हो
फिक्र करते हैं बस वालिद तुम्हारे
तुम ऐसे नासमझ बेटे हुए हो
एक महीने पहले
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