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उठा ली मैने तब कलम

Anamika singer

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दिल के आकाश में इस क़दर सूनापन छा गया
        
                                                    
                            
चांद भी देख के इस अमावस्य को घबरा गया
अश्कों ने बारिश की पर भीग न पाया मन
गूंज उठी पूरी कायनात मेरे , दिल के चित्कार से
सहज होके खुद ही उठा ली मैने तब कलम
लिख डाला सब मैने अपने लहू से कि दिल पे कोई मलाल न बाकि रहे ,आशिकी का भूत सर पर न बाकि रहे ।
7 महीने पहले
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