विज्ञापन

सब ग़म भुला दूं

Anamika singer

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वो साकी तू जो साथ दे तो
        
                                                    
                            
मै भी इक पैग आज हलक से उतार लूं
तेरे साथ -- साथ मै भी अपने
सब ग़म भुला दूं
तनहा इक तू ही नहीं मै भी तनहा हूं
दर्द जो ज़माने ने दिया तुझे
तू मुझको बता मै बताऊं तुझे
क्या खबर बात ही बात में
दिल से दिल के तार जुड़ जाए
हम और तुम से हमदम बन जाए कहीं
वो साकी तू जो साथ दे तो तेरे साथ -- साथ
मै भी अपने सब ग़म भुला दूं ।
8 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anil Kumar

4215 कविताएं

View Profile

Sanjay Nirala

42 कविताएं

View Profile

Updesh Kumar

12437 कविताएं

View Profile