तू चांद हे तो मैं तेरी चांदनी
तू राग हे तो मैं तेरी रागिनी
तुझसे नाता कैसा
न तू जाने न मै जानू
तू दिल मेरा हे तो मैं धड़कन तेरी
तू प्रेम का मृग हे तो मैं तुझमें बसी
कस्तूरी हूं
तू मुझ बिन अधूरा हे तो तुझ बिन न मै पूरी हूं
तुझसे नाता कैसा
न तू जाने न मै जानू
तू नींद हे तो मैं तेरा ख्वाब हूं
तू गीत हे तो मैं संगीत हूं
तू दर्पण हे तो मैं नूर हूं
तुझसे नाता कैसा
न तू जाने न मै जानू !!