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न तू जाने न मै जानू

                
                                                         
                            तू चांद हे तो मैं तेरी चांदनी
                                                                 
                            
तू राग हे तो मैं तेरी रागिनी
तुझसे नाता कैसा
न तू जाने न मै जानू
तू दिल मेरा हे तो मैं धड़कन तेरी
तू प्रेम का मृग हे तो मैं तुझमें बसी
कस्तूरी हूं
तू मुझ बिन अधूरा हे तो तुझ बिन न मै पूरी हूं
तुझसे नाता कैसा
न तू जाने न मै जानू
तू नींद हे तो मैं तेरा ख्वाब हूं
तू गीत हे तो मैं संगीत हूं
तू दर्पण हे तो मैं नूर हूं
तुझसे नाता कैसा
न तू जाने न मै जानू !!
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7 महीने पहले

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