विज्ञापन

मुझको इक सादी सी इंसान ही समझिए

Anamika singer

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मुहब्बत लिखूं तो मुझको आशिकी न समझिए
        
                                                    
                            
मेरे मुस्कुराने की वजह को कोई खुशी
न समझिए
शराब की बस बात छेड़ी हैं मैने
मुझको शराबी न समझिए
टकरा जाऊं जो किसी मोड़ पे
तुमसे तो मेरे इरादे गलत न समझिए
जान कर मैं दिल नहीं दुखाती किसी का
जो अनजाने मुझसे हो जाए कोई
खता तो मुझे आदतन गुनहगार न समझिए
इक सादी सी ख़ुदा की बंदी हूं मैं
मुझको इक सादी सी इंसान ही समझिए !!
7 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anil Kumar

4215 कविताएं

View Profile

Sanjay Nirala

42 कविताएं

View Profile

Nema Ram

141 कविताएं

View Profile