मैं मन मौजी हूं
मुझे न दायरों में बांधो
जो महसूस करूं
वही लिख दिया करती हूं
फलाना - फलाना पर
लिखने की दरख्वास्त
न करों मुझसे
दिल का बांध
किस दिशा में
बहेगा ये खबर
नहीं रहती मुझे