किसी के बसे बसाए , बसेरे में
बसने का मेरा इरादा नहीं
राह में मिले दो बात कर लिए
बस यहां तक काबुल है मुझे यारियां
इससे ज़्यादा का किसी से कोई वादा नहीं !!