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किसी ने क्या खूब कहा

Anamika singer

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            साल बदलने से मुकद्दर नहीं बदलता
        
                                                    
                            
किसी ने क्या खूब कहा और सच ही कहा
झुग्गी झोपड़ियों के हालात नहीं बदलते
देश में फैली भ्रष्टाचारी नहीं बदलती
मिलावटखोरी नहीं बदलती
शराब , जूते - चप्पलों के शो रूम का चमचमाना
नहीं बदलता
पुस्तकों -- किताबों का फुटपाथों में बिकना
बंद नहीं होता
मजबूरी , लाचारी , जिम्मेदारी खत्म नहीं होती
आशाएं , ख्वाहिशें अधूरे सपने भी इनके भार
से दिल में ही दबे रह जाते है
तिजोरी भरती व्यापारियों की , किसान की
भुखमरी नहीं बदलती
कुछ बदलता हे तो वो सिर्फ साल
साल बदलने से मुकद्दर नहीं बदलता !!
8 महीने पहले
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