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जैसे आ गई बरसात बिन बोले

Anamika singer

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            नव तपा में गर्मी बढ़ी धम्म धम्म
        
                                                    
                            
घनेरे घनेरे बादल छाए और पानी
गिरा छम्म छम्म
मन का मयूर डोले और
पपिहा बोले पीहू पीहू
कोयलिया छेड़े राग , सब को हुई
भ्रांति जैसे आ गई बरसात बिन बोले
पिया भी नैनो से बोले हौले हौले
मनवा शर्माए प्रीत रंग में रंग जाय
नई उमंग भर जाए कानों में जब
सजन प्रेम रस घोले
सबको हुई भ्रांति जैसे आ गई
बरसात बिन बोले !!
2 महीने पहले
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