चांद हूं दूर से देखिए
चकोर की तरह
पास गए , तो दाग दिख जाएंगे
क्योंकि चांद में भी दाग है !!
गुलाब हूं , खुश्बू लीजिए
जो बेहिसाब है
तोड़िए मत कांटों का पहरा साथ है!!
अग्नि हूं , रौशनी बिखेरती हूं
छेड़ना मत , जल के भस्म हो जाओगे !!
मुहब्बत हूं , की तो निभाना भी
भावना से खेलना मत खाक में
मिल जाओगे !!