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चांद हूं

                
                                                         
                            चांद हूं दूर से देखिए
                                                                 
                            
चकोर की तरह
पास गए , तो दाग दिख जाएंगे
क्योंकि चांद में भी दाग है !!
गुलाब हूं , खुश्बू लीजिए
जो बेहिसाब है
तोड़िए मत कांटों का पहरा साथ है!!
अग्नि हूं , रौशनी बिखेरती हूं
छेड़ना मत , जल के भस्म हो जाओगे !!
मुहब्बत हूं , की तो निभाना भी
भावना से खेलना मत खाक में
मिल जाओगे !!
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5 महीने पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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