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अपना न सही तू पराया ही सही

Anamika singer

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इक बात कहूं बहुत खटकता है वो दिन
        
                                                    
                            
जब तू ख़ामोश रहता है
तू आदत में शामिल हो गया मेरी
शायद तुझे नहीं पता है
जरूरत नहीं तू मेरी , तू मेरे लिए जरूरी है
अपना न सही तू पराया ही सही
पर तुझे मेरी फ़िक्र अपनों से भी ज्यादा रहती है
तू मेरी और मैं तेरी मंज़िल न सही
पर रास्ता इक हो हमारा यही दुआ लबों पे रहती है
मिलना संभव नहीं फिर भी बिछड़ने का ये डर कैसा है
तेरा मेरा रिश्ता राधा कृष्ण जैसा है !!
बाते करूं तो बाते ख़त्म न होगी
मेरी बेरंग ज़िंदगी में तू हर रंग बनके घुला है
पतझर में तू छाया बहार बनके
जैसे तू देख रहा , जब निहारूं मैं आईना श्रृंगार करने
किस्से कहानियों में तेरी - मेरी दस्ता होगी
सोचती हूं बिन तेरे मेरी ज़िंदगी कैसे पूर्ण होगी !!
5 महीने पहले
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