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अहले दिल की दास्तां

Anamika singer

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अहले दिल की दास्तां क्या सुनाए तुम्हे
        
                                                    
                            
दो कदम तुम साथ हो कैसे अपना बनाए तुम्हे
अहले की दास्तां .......
जो चांद ना ठहरा कभी मेरे आशियाने में
जो चांद ना .....
कैसे उस चांद से कह दे , कि मेरे आसमा मे भी
अपनी चांदनी बिखरा दे
अहले दिल की दास्तां .......
खुद भटकता रहा दिल मेरा सुकून की तलाश में
वो नादा तू बता कैसे ये दिल मेरा तेरे दिल की
प्यास बुझा दे
अहले दिल की दास्तां ...
जिसकी मुकम्मल खुद की दुनिया नहीं
कैसे फिर किसी को वो पनाह दे
अहले दिल की दास्तां क्या सुनाए तुम्हे
दो कदम तुम साथ हो कैसे अपना बनाए तुम्हे ।
-अनामिका
9 महीने पहले
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