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हीरा की तरह

Amod Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तू दिखी मुझे हीरा की तरह,
        
                                                    
                            
हुआ प्यार मीरा की तरह,
मिले हम सरफिरा की तरह,
बाप तेरा खा गया खीरा की तरह,
मैं पेट में बना पीड़ा की तरह,
उसने निकाल दिया जलजीरा की तरह।


- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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6 वर्ष पहले
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